वायुमण्डल की विभिन्न परतें (Layers of The Atmosphere)

वायुमण्डल की संरचना में मुख्य रूप से 5 परते होती है

वायुमंडल की परते : संरचना

[1]. क्षोभ मंडल (Troposphere)


FACT :


(i).
यह वायुमंडल का सबसे निचे वाली परत है।

(ii).
इसकी ऊँचाई ध्रुवों पर 8 km तथा विषुवत रेखा पर लगभग 18 km होती है।

(iii).
क्षोभ मंडल में तापमान की गिरावट की दर प्रति 165 मी. की ऊँचाई पर 1℃ अथवा 1 km की ऊँचाई पर 6.4℃ होती है।

(iv).
सभी मुख्य वायुमंडलीय घटनाएँ जैसे बादल, आँधी एवं वर्षा इसी मंडल में होती है।

(v).
इस मंडल को संवहन मंडल कहते है, क्योंकि संवहन धाराएँ इसी मंडल की सीमा तक सीमित होती हैं। इस मंडल को अधो मंडल भी कहते है।
[2]. समताप मंडल (Stratosphere)


FACT
 :
(i). समताप मंडल 18 km से 32 km की ऊँचाई तक है। इसमे ताप सामान रहता है।

(ii).
इसमे मौसमी घटनाएँ जैसे आँधी, बदलो की गरज, बिजली कड़क, धूल कण एवं जलवाष्प आदि कुछ नही होती है।

(iii).
इस मंडल में वायुयान उड़ाने की आदर्श दशा पायी जाती है।

(iv).
समताप मंडल की मोटाई ध्रुवो पर सबसे अधिक होती है, कभी कभी विषुवत रेखा पर इसका लोप हो जाता है।

(v).
कभी कभी इस मंडल में विशेष प्रकार के मेघो का निर्माण होता है, जिन्हें मूलाभ मेघ (Mother of pearl cloud) कहते है।
[3]. ओजोन मंडल (Ozonosphere)

FACT :


(i).
धरातल से 32 km से 60 km के मध्य ओजोन मंडल है।

(ii).
इस मंडल में ओजोन गैस की परत पायी जाती है, जो सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणों को अवशोषित कर लेती है। इसलिए इसे पृथ्वी का सुरक्षा कवच कहते है।

(iii).
ओजोन परत को नष्ट करने वाली गैस CFC (Chloro-floro-carbon) है, जो एयर कंडिशनर, रेफ्रिजरेटर आदि से निकलती है। ओजोन परत में क्षरण CFC में उपस्थित सक्रीय क्लोरीन (Cl) के कारण होती है।

(iv).
ओजोन परत की मोटाई नापने में डाबसन इकाई का प्रयोग किया जाता है।

(v).
इस मंडल में ऊँचाई के साथ तापमान बढ़ता जाता है, प्रति 1 km की ऊँचाई पर तापमान में 5℃ की वृद्धि होती है।
[4]. आयन मंडल (Ionosphere)

FACT :

(i). इसकी ऊँचाई 60 km से 640 km तक होती है। यह भाग कम वायुदाब तथा पराबैंगनी किरणों द्वारा आयनीकृत होता रहता है।
(ii). इस मंडल में सबसे नीचे स्तिथ D-Layer से long radio waves एवं E1, E2 और F1, F2 परतो से short radio wave परावर्तित होती है। जिसके फलस्वरूप पृथ्वी पर रेडियो, टेलीफोन, टेलीविजन एवं रडार आदि की सुविधा प्राप्त होती है। संचार उपग्रह इसी मंडल में अवस्थित होते है।
[5]. बाह्य मंडल (Exosphere)

FACT :

(i).
640 km से ऊपर के भाग को बाह्य मंडल कहा जाता है।

(ii).
इसकी कोई ऊपरी सीमा निर्धारित नही है।

(iii).
इस मंडल में हाइड्रोजन एवं हीलियम गैस की प्रधानता होती है।

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सौर मंडल (सौरमंडल के ग्रह)- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

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